नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने वाली महिला पर सी एम हाउस से आयी मामला दर्ज करने की सिफारिश, भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन मोड़ में आये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

एंटी करप्शन एक्शन लाइन पर आई शिकायत पर हुई कार्रवाई जालंधर, 25 मार्च-(टिंकू पंडित):-
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन मोड में नज़र आए। जालंधर के तहसील में काम करने वाली क्लर्क मीनू के खिलाफ 4 लाख 80 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। जालंधर से एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद जांच करवाई गई तो यह बात सामने आई कि मीनू ने किसी को नौकरी दिलवाने के नाम पर 4 लाख 80 हज़ार रुपये की रिश्वत ली है। यह बात सामने आने पर सीएम ऑफिस से सिफारिश आई कि मीनू के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। जब विजिलेंस की टीम उसे पकड़ कर ले गई तो मेडिकल के दौरान पता चला कि वह 2 माह की गर्भवती है। उसकी तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल मे भर्ती करवाया गया था।
वीरवार को तहसील में काम करने वाली मीनू नामक महिला कर्मचारी को भ्रष्टाचार के एक मामले में विजिलेंस ने जांच के लिए राउंडअप किया था। मीनू के खिलाफ विजिलेंस को कई शिकायतें मिली थी। शिकायतें देने वालों ने मीनू के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरोप था कि काम करवाने आने वाले लोगों से मीनू रिश्वत लेती है। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम उसे राउंडअप कर विजिलेंस थाने ले आई। वहां पर देर शाम पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी तो पता चला कि वह दो माह की गर्भवती है। ऐसे में विजिलेंस की टीम ने उसे सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में दाखिल करवा दिया और बाहर गार्द तैनात कर दी।

इस संबंध में डा. हरवीन कौर का कहना था कि विजिलेंस टीम मीनू को लेकर आई थी। जांच में मीनू दो माह की गर्भवती निकली। डाक्टर ने बताया कि मानसिक दबाव के चलते मीनू की हालत बिगड़ गई थी। उसका इलाज किया जा रहा है। मीनू पहले सिविल अस्पताल में कच्चे कर्मचारी के रूप में काम करती थी। आज बाद दोपहर विजिलेंस की टीम मीनू को अस्पताल से छुट्टी करवा  गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई है।

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