नवजोत सिद्धू का वर्ष 1988 में पटियाला में पार्किंग को लेकर हुआ था झगड़ा, जिसमें एक बुजुर्ग की हो गई थी मौत

नई दिल्ली, 19 मई (टिंकू पंडित):- पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। कांग्रेस हाईकमान द्वारा पहले उनसे पंजाब कांग्रेस प्रधान का पद छीना, फिर विधानसभा चुनावों में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा और अभी वह इस ठोकर से संभले भी नही थे कि 34 साल पुराने 1988 के रोड रेज मामले में पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 साल कैद की सजा सुनाई गई है। बता दें कि रोड रेज मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को ₹1000 जुर्माना देने के बाद हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया था ओर उन्हें मृतक को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का दोषी ठहराया गया था। परंतु पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी। जिस पर दोबारा विचार करते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
आप को याद होगा कि नवजोत सिद्धू का वर्ष 1988 में पटियाला में पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 हजार का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। इसके खिलाफ पीड़ित पक्ष ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के अनुसार, जो भी व्यक्ति (धारा 334 में दिए गए मामलों के सिवा) जानबूझ कर किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाता है, उसे अधिकतम एक साल जेल की सजा का प्रावधान है। इसके तहत मुजरिम को एक साल कारावास या एक हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों के साथ दंडित किया जा सकता है। जब मीडिया कर्मियों ने नवजोत सिंह सिद्धू से इस फैसले पर बात करनी चाही तो वह नो कमेंट कह कर आगे बढ़ गए।

